देश के दिल्ली से लेकर कई शहरों में 4 स्टूडेंट्स ने की खुदकुशी… और कई अन्य परिवार के लोगों ने भी किया आत्महत्या।
देश की राजधानी दिल्ली शहर में जहां आतंकी ने दिल्ली कार धमाके कर कई लोगों की जिंदगी छीन ली। अभी कई घरों में मातम छाया ही था। और आतंकवादियों की जॉच चल ही रही थी। वही कई लोगों के नेटवर्क खंगाले जा रहे थे। आतंकवादियों की परतें खुलती जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों ने कई जगहों से विस्फोट सामग्री अमोनियम नाइट्रेट भारी मात्रा में जब्त कर रही थी और एक ऐसी घटना ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए।दिल्ली से लेकर अलग-अलग शहरों में 4 छात्रों की आत्महत्या के मामलों ने स्कूलों में सुरक्षा, शैक्षिक वातावरण और संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली ,रीवा, जयपुर और महाराष्ट्र में हाल ही में हुई चार अलग-अलग घटनाओं ने न सिर्फ उन बच्चों के परिवार से उनका चिराग छीन लिया बल्कि स्कूल प्रबंधन की भूमिका, व्यवहार, बुलिंग और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
मीनाक्षी विजय कुमार भारद्वाज/मुंबई देश के दिल्ली से लेकर कई शहरों में 4 स्टूडेंट्स ने की खुदकुशी… और कई अन्य परिवार के लोगों ने भी किया आत्महत्या।
महाराष्ट्र/मुंबई: देश की राजधानी दिल्ली शहर में जहां आतंकी ने दिल्ली कार धमाके कर कई लोगों की जिंदगी छीन ली। अभी कई घरों में मातम छाया ही था। और आतंकवादियों की जॉच चल ही रही थी। वही कई लोगों के नेटवर्क खंगाले जा रहे थे। आतंकवादियों की परतें खुलती जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों ने कई जगहों से विस्फोट सामग्री अमोनियम नाइट्रेट भारी मात्रा में जब्त कर रही थी और एक ऐसी घटना ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए।दिल्ली से लेकर अलग-अलग शहरों में 4 छात्रों की आत्महत्या के मामलों ने स्कूलों में सुरक्षा, शैक्षिक वातावरण और संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली ,रीवा, जयपुर और महाराष्ट्र में हाल ही में हुई चार अलग-अलग घटनाओं ने न सिर्फ उन बच्चों के परिवार से उनका चिराग छीन लिया बल्कि स्कूल प्रबंधन की भूमिका, व्यवहार, बुलिंग और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
छात्र की मौत के बाद सड़कों पर उतरे लोग
देश के चार अलग-अलग शहरों में हाल के दिनों में स्कूली छात्रों के खुदकुशी के मामले ने सभी को हैरान कर दिया है। दिल्ली ,मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में हुई चार दर्दनाक घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्कूल वास्तव में छात्रों के लिए सुरक्षित हैं? क्या बुलिंग, शिक्षक द्वारा उत्पीड़न या संवेदनहीनता इन मौतों की वजह बन रही है? चारों ही मामलों ने छात्रों की सुरक्षा और मानसिक हालत को लेकर परिजनों को चिंता में डाल दिया है।
दिल्ली: 10वीं छात्र की खुदकुशी पर 4 स्कूल स्टाफ निलंबित, जांच समिति गठित
10वीं के छात्र की खुदकुशी के बाद स्कूल स्टाफ निलंबित, परिजन कर रहे ये मांग
परिजनों का कहना है कि घर में उसे किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी और वह परिवार की लाडली थी। उनकी मानें तो उसकी परेशानी स्कूल से जुड़ी हुई थी और कोई उसे अत्यधिक टॉर्चर कर रहा था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से टूट गई।एएसपी आरती सिंह ने बताया कि पुलिस ने लेटर को जब्त कर लिया है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही छात्रा की मौत के पीछे की असली वजह सामने आएगी।
दिल्ली में स्कूली छात्र ने दी जान, कमेटी गठित
दिल्ली के एक निजी स्कूल में कक्षा 10वीं के एक छात्र की संदिग्ध मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। मंगलवार को 10वीं में पढ़ने वाले इस छात्र ने राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन से कूदकर जान दे दी थी। सुबह वह अपने ड्रामा क्लब की एक्टिविटी के लिए घर से निकला था। मृतक छात्र के पास जो सुसाइड नोट मिला था उसमें उसने कई टीचरों पर लंबे वक्त से मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
इस मामले में शिक्षा निदेशालय ने उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित कर दी। समिति को घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर 3 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है, इसका उद्देश्य प्रशासनिक जवाबदेही तय करना, कारणों का विश्लेषण करना और सुधारात्मक कदम सुझाना है।परिजनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है, और लोग मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
रीवा में टीचर पर टॉर्चर करने का आरोप।
रीवा जिले के सेमरिया स्थित एक स्कूल में कक्षा 11वीं की छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को गुरुवार को उसकी कॉपी में लिखा सुसाइड नोट मिला जिसमें छात्रा ने स्कूल के एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रा ने लिखा कि शिक्षक मारते समय उसका हाथ पकड़ते थे, मुट्ठी बंद कर चैलेंज देते थे और पनिशमेंट देने के बहाने उसकी उंगलियों के बीच पेन डालकर दबाते थे। घटना के बाद परिजन स्तब्ध हैं और स्कूल पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जयपुर में 9 साल की अमायरा की मौत।
वहीं जयपुर में सिर्फ 9 साल की अमायरा की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली यह बच्ची लंबे समय तक स्कूल में बुलिंग का शिकार हो रही थी। इसके बाद उसने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्ची और उसके माता-पिता ने बार-बार शिकायत की, लेकिन स्कूल प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि कई स्कूलों में सीबीएसई की सुरक्षा गाइडलाइन का पालन नहीं होता है।रिपोर्ट के अनुसार कई स्कूल भावनात्मक सुरक्षा, बुलिंग नियंत्रण, स्टाफ संवेदनशीलता और सीसीटीवी मॉनिटरिंग जैसे बुनियादी मानकों को भी गंभीरता से नहीं लेते।सीबीएसई के नियम स्पष्ट कहते हैं कि बच्चों की भावनात्मक सुरक्षा, बुलिंग रोकथाम और निगरानी प्रत्येक स्कूल की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
महाराष्ट्र राज्य में एक 19 साल के छात्र को कॉलेज के लिए जा रहे ट्रेन में मराठी भाषा में न बोलने की सजा मौत।
‘क्या मराठी न बोलने की सजा मौत है’, 19 साल के जवान बेटे की खुदकुशी से टूटे पिता ने मांगा इंसाफ
अर्नव खैरे की मौत ने एक पिता का पूरा संसार छीन लिया है। पिता का आरोप है कि लोकल ट्रेन में मराठी न बोलने को लेकर हुई मारपीट ने बेटे को मानसिक रूप से तोड़ दिया। तनाव और डर से जूझ रहे अर्नव ने कॉलेज न जाकर वापस घर लौटकर आत्महत्या कर ली।परिवार न्याय की मांग कर रहा है और मामले ने भाषा विवाद पर नई बहस छेड़ दी है।
कल्याण में 19 साल के छात्र की आत्महत्या
महाराष्ट्र के कल्याण में 19 वर्षीय कॉलेज छात्र अर्नव खैरे की आत्महत्या ने उसके पिता जितेंद्र खैरे को पूरी तरह तोड़ दिया है। पिता का आरोप है कि लोकल ट्रेन में मराठी न बोलने पर हुई मारपीट ने बेटे को इतना डरा दिया कि उसने अपनी जान दे दी। यह घटना भाषा के विवाद और युवाओं पर उसके मानसिक प्रभाव को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है।
परिवार में लगातार मौतों से दुखी महिला ने किया सुसाइड।
इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र में रहने वाली 24 साल की महिला ने बुधवार शाम करीब 7 बजे आत्महत्या कर ली। फांसी लगाने से पहले उसने अपने पति को वीडियो कॉल किया था। पति ने कॉल काटकर तुरंत अपने मालिक को जानकारी दी। मालिक ने एक परिचित को मौके पर भेजा, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
बताया जा रहा है कि परिवार में लगातार हो रही मौतों के कारण वह लंबे समय से डिप्रेशन में थी। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
एरोड्रम पुलिस के मुताबिक, आराधना नगर निवासी मुस्कान खेडेकर ने फांसी लगाने से कुछ देर पहले उसने अपने पति शिवा को वीडियो कॉल किया। उस समय शिवा तीन इमली इलाके में स्थित एक गोदाम पर था। कॉल के दौरान मुस्कान ने आवाज बंद कर दी और फंदा लगाने लगी। यह देखकर शिवा ने तुरंत अपने मालिक को फोन किया, जिसके बाद मालिक ने अपने परिचित को मौके पर भेजा।
पहले पति की सड़क हादसे में हो चुकी मौत मुस्कान और शिवा की शादी को दो साल हुए थे। मुस्कान की पहले भी शादी हो चुकी थी, लेकिन उसके पहले पति की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मुस्कान का पांच साल का एक बच्चा भी है, जिसे उसने आत्महत्या से पहले सुला दिया था।
तीन दिन पहले बुआ का हुआ निधन शिवा ने बताया कि मुस्कान उसके साथ कैटरिंग का काम करती थी। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई। बाद में उन्होंने शादी कर ली। तीन दिन पहले मुस्कान की बुआ, जो अशोक नगर (गुना) में रहती थीं, बीमार होने के कारण निधन हो गया था। मुस्कान वहां जाना चाहती थी, लेकिन परिवार ने उसे बाद में आने के लिए कहा। बुआ की मौत के बाद से वह तीन दिन से अवसाद में थी।
एक साल पहले भाई की जान चली गई
इसके अलावा मुस्कान के परिवार में कुछ समय में कई घटनाएं हुई थीं। एक साल पहले उसके एक भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जबकि कुछ समय पहले एक अन्य भाई ने आत्महत्या कर ली थी। पिता की भी कई साल पहले मौत हो चुकी।
इन सब घटनाओं के कारण वह पहले से ही मानसिक तनाव में रहती थी और अकसर कहती थी कि “परिवार के लोग ऐसे ही मर रहे हैं तो मेरे जीने का क्या मतलब है।” मायके पक्ष में मुस्कान की मां और एक बहन अशोकनगर में रहती हैं।
पति बोला- बार-बार कॉल कर रही थी
पति शिवा ने बताया कि वह मार्केट गया था, तभी उसकी पत्नी का कॉल आया। पत्नी ने कहा कि जल्दी घर आ जाओ। दोपहर 12 बजे वह घर से निकला था। इसके बाद उसके पास चार–पांच कॉल आए, लेकिन उसने बताया कि वह थोड़ा लेट हो जाएगा। शाम करीब 7–7:30 बजे दोबारा कॉल आया।
पत्नी ने कहा कि मोबाइल का नेट चालू करो। जैसे ही उसने डेटा ऑन किया, तुरंत वीडियो कॉल आया। वीडियो कॉल पर उसकी पत्नी फांसी लगाने की कोशिश कर रही थी।
पति ने कहा कि उसे नहीं पता कि पत्नी ने ऐसा क्यों किया। उनका कोई विवाद भी नहीं हुआ था। वह पिछले कुछ दिनों से डिप्रेशन में थी। कुछ दिन पहले ही उसकी मौसी की मौत हुई थी और करीब छह महीने पहले उसके भाई ने भी आत्महत्या कर ली थी।
मामले की जांच जारी
एसआई एम. कुजुर ने बताया कि फांसी लगाने से महिला की मौत हुई है। अब मामले की आगे की जांच की जा रही है। मौत की वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।
पत्नी ने की आत्महत्या तो पति ने बच्चे को मारा फिर खुद भी फांसी पर लटका, घर लौटे माता-पिता को मिली तीन लाशें।
राजस्थान के उदयपुर में एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इससे आहत पति ने पहले बेटे की हत्या की फिर खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गया। पति ने आत्महत्या करने से पहले अपने बेटे को भी जान से मार दिया। आत्महत्या करने से पहले पति ने जो सुसाइड नोट छोड़ा हैं, उसमें इस बात का जिक्र है कि उसकी पत्नी के आत्महत्या करने की वजह से वह भी अपने जीवन को खत्म कर रहा है और इसके लिए कोई भी उसके माता-पिता को परेशान नहीं करें।
मामला उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र का है। बुधवार देर शाम हुई इस घटना के बाद पत्नी के आत्महत्या करने का खुलासा नहीं हो पाया है। डीएसपी राजीव राहर ने बताया कि मसारो की ओवरी गांव एक घर में शारदा का शव फर्श पर पड़ा मिला। वहीं, उसके पति जगदीश पुत्र अमरा मीणा और बेटे हिमांशु उर्फ हेमू फंदे से लटके मिले। शवों को ऋषभदेव हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया।
जगदीश पेट्रोल पंप पर काम करता था। उसकी पत्नी कुछ समय से निजी क्लिनिक पर काम कर रही थी। जगदीश के माता-पिता कानूवाडा करियावर गांव गए हुए थे। दोनों बुधवार शाम को घर लौटे तो गेट अंदर से बंद था। जगदीश की बाइक घर के बाहर खड़ी थी। लोगों को बुलाकर गेट तुड़वाया। अंदर जाने पर जगदीश की मां को बहू और पोते का शव दिखा। दूसरे कमरे में बेटे का शव मिला। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
शुरुआती जांच में क्या मिला?
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जगदीश काम से घर लौटा तो पत्नी का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। उसने शव फंदे से उतारकर फर्श पर रखा। इसके बाद अपने बेटे को फंदे से लटका दिया। बेटे की हत्या के बाद दूसरे कमरे में जाकर खुद भी फंदे से लटककर जान दे दी।
जगदीश और शारदा की शादी फरवरी 2017 में हुई थी। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के रजोल गांव में रहने वाले शारदा के पीहर पक्ष ने रिपोर्ट दी है। शारदा के भाई प्रकाश पुत्र संग्राम मीणा ने रिपोर्ट में बताया कि ये हत्या है या फिर सुसाइड, पुलिस इस मामले की जांच करे। जगदीश के छोटे भाई सुनील कुमार ने भी थाने में रिपोर्ट दी है, जिसमें जांच की मांग की है।
लॉज में 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर की खुदकुशी
दुमका के रसिकपुर मोहल्ले के एक लॉज में 22 वर्षीय युवक संदीप कुमार मंडल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह रामगढ़ के भतुड़िया गांव का निवासी था और दुमका में पढ़ाई के साथ फाइनेंस कंपनी में काम करता था। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
दुमका। दुमका शहर के रसिकपुर मोहल्ले के एक लॉज में 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। यह घटना गुरुवार देर रात की है। मृतक संदीप कुमार मंडल रामगढ़ थाना अंतर्गत भतुड़िया गांव का रहने वाला था। वह दुमका शहर के एक लॉज में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ किसी फाइनांस कंपनी में काम भी किया करता था। देर रात में उसने अपने लॉज के कमरे में दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या करने के कारण का पता अब तक नहीं चल पाया है। घटना की सूचना मिलने पर नगर थाने की पुलिस देर रात में लॉज में पहुंची, पर परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस ने परिजनों से लिखित आवेदन लेकर शव को ले जाने इजाजत दे दी।
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है।तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं। यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे। याद रखिए जान है तो जहान है।)